नवरात्रि में व्रत रखना बहुत लोगों की आस्था का हिस्सा है। लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि व्रत के दौरान बहुत से लोगों को कब्ज, गैस, Acidity, पेट फूलना या सिरदर्द जैसी परेशानियां होने लगती हैं?
कई बार लोग सोचते हैं कि ये सब व्रत रखने की वजह से हो रहा है। लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता।
छोटी-छोटी गलतियां भी हो सकती हैं वजह!
कई बार हमारी खाने-पीने की छोटी-छोटी गलतियां भी इन समस्याओं की वजह बन जाती हैं। तो आइये, आज इन्हीं परेशानियों और उनसे बचने के आसान तरीकों पर बात करते हैं।
व्रत के दौरान होने वाली समस्याओं से कैसे बचें?
देखते हैं कुछ आसान Tips —
व्रत में कब्ज क्यों हो जाती है?
व्रत के दौरान कब्ज होना एक common problem है। इसकी कुछ वजहें हो सकती हैं:
- पानी कम पीना
- फल और Fibre वाली चीजें कम खाना
- आलू और तली हुई चीजें ज्यादा खाना
- Physical Activity कम होना
अगर आपके व्रत के नियम अनुमति देते हैं, तो अपनी diet में फल, खीरा, लौकी, कद्दू और दूसरी व्रत में स्वीकार्य सब्जियां शामिल करें।
अगर कच्ची सब्जियां खाने से पेट फूलता है, तो उन्हें हल्का पकाकर खा सकते हैं।
🌿 याद रखें
पर्याप्त पानी और Fibre वाली चीजें कब्ज की परेशानी कम करने में मदद कर सकती हैं।
Acidity से कैसे बचें?
कुछ लोग व्रत में सुबह से कुछ नहीं खाते और फिर शाम को एक साथ बहुत ज्यादा खाना खा लेते हैं।
इससे पेट में भारीपन, जलन या Acidity की परेशानी हो सकती है।
अगर आपके व्रत के नियम अनुमति देते हैं, तो लंबे समय तक भूखे रहने के बजाय दिन में उचित अंतराल पर हल्का और पौष्टिक खाना लें।
बहुत ज्यादा तेल-मसाले वाली चीजों से भी बचें।
पेट फूलने की Problem क्यों होती है?
व्रत में साबूदाना, आलू, तली हुई पूरियां और नमकीन ज्यादा खाने से कुछ लोगों को पेट फूलने की शिकायत हो सकती है।
इसके अलावा जल्दी-जल्दी खाना और एक बार में बहुत ज्यादा खा लेना भी परेशानी बढ़ा सकता है।
इसलिए खाना आराम से खाएं और अपनी भूख के अनुसार Portion रखें।
सिरदर्द और थकान से कैसे बचें?
व्रत में सिरदर्द या थकान होने की कई वजहें हो सकती हैं, जैसे कम पानी पीना, पर्याप्त खाना न खाना, नींद की कमी या रोज चाय-कॉफी पीने वालों में अचानक Caffeine कम हो जाना।
इसलिए अपनी Hydration, नींद और Nutrition का ध्यान रखें।
अगर बार-बार चक्कर आते हैं या बहुत ज्यादा कमजोरी होती है, तो इसे सिर्फ व्रत की सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज न करें।
पूरे दिन सिर्फ चाय-कॉफी पर मत रहिए
कई लोग सोचते हैं कि चाय पीने से भूख कम लगेगी और व्रत आसानी से निकल जाएगा।
लेकिन खाली पेट ज्यादा चाय या कॉफी पीने से कुछ लोगों को Acidity और बेचैनी हो सकती है।
इसलिए चाय-कॉफी की मात्रा सीमित रखें और इन्हें Breakfast या किसी Meal की जगह इस्तेमाल न करें।
खाना खाने के बाद थोड़ा चलिए
व्रत में खाना खाने के तुरंत बाद लेट जाना कुछ लोगों में Acidity या Reflux बढ़ा सकता है।
इसलिए खाना खाने के बाद थोड़ी देर आराम से टहलना अच्छा विकल्प हो सकता है।
लेकिन अगर कमजोरी या चक्कर महसूस हो रहे हों, तो जबरदस्ती Walk या Exercise न करें।
व्रत में Energy बनाए रखने के 6 Nutrition Tips
सही खानपान और Hydration से व्रत के दौरान अपनी Energy बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
सिर्फ आलू और साबूदाने पर निर्भर मत रहिए
नवरात्रि में सबसे पहले हमारे दिमाग में क्या आता है?
साबूदाने की खिचड़ी, आलू की सब्जी, कुट्टू की पूरी और मीठी चाय!
ये सभी व्रत में खाए जाने वाले popular foods हैं। लेकिन अगर आप पूरे दिन सिर्फ इन्हीं चीजों पर निर्भर रहते हैं, तो आपकी diet में Protein और Fibre की कमी हो सकती है।
इसलिए कोशिश करें कि आपकी व्रत वाली थाली में अलग-अलग तरह के nutritious foods शामिल हों।
🌿 याद रखें
व्रत की थाली में Variety रखना भी जरूरी है।
Protein को बिल्कुल मत भूलिए
हमारी Body को सिर्फ Energy ही नहीं, बल्कि मांसपेशियों को स्वस्थ रखने और शरीर के दूसरे जरूरी कामों के लिए Protein भी चाहिए।
व्रत के दौरान आप अपनी परंपरा और खानपान के नियमों के अनुसार इन चीजों को शामिल कर सकते हैं:
ध्यान रहे, इनमें Protein की मात्रा अलग-अलग होती है। इसलिए सिर्फ थोड़े से मखाने या बादाम खा लेने से पूरे दिन की Protein की जरूरत पूरी नहीं हो जाती।
आप चाहें तो कुट्टू के चीले के साथ पनीर या दही ले सकते हैं। राजगीरे की रोटी के साथ पनीर की सब्जी भी एक अच्छा option हो सकता है।
फल जरूर खाइए, लेकिन सिर्फ फल खाकर पूरा दिन मत निकालिए
फल हमारी Body को Vitamins, Minerals और Fibre देते हैं।
लेकिन अगर आप सुबह से शाम तक सिर्फ फल खाते रहेंगे, तो हो सकता है कि आपको पर्याप्त Protein और Energy न मिल पाए।
इसलिए फल के साथ दही, दूध या थोड़े Nuts भी शामिल कर सकते हैं। इससे आपकी diet ज्यादा balanced बनेगी।
🍎 Balanced Snack Idea
फल + दही या दूध + थोड़े Nuts
बार-बार एक ही चीज खाने से बचिए
कई बार व्रत में हमें भूख लगती है और हम बार-बार साबूदाने की खिचड़ी, आलू या मखाने खाने लगते हैं।
लेकिन याद रखिए, व्रत में भी Variety और Portion दोनों जरूरी हैं।
कोशिश करें कि हर बार कुछ अलग और nutritious खाएं।
मीठी चाय को खाने का विकल्प मत बनाइए
कुछ लोग व्रत में खाना कम खाते हैं, लेकिन दिनभर कई कप मीठी चाय पीते रहते हैं।
चाय पीने से थोड़ी देर के लिए अच्छा महसूस हो सकता है, लेकिन इससे शरीर को पूरा Nutrition नहीं मिलता।
इसलिए चाय के साथ-साथ सही समय पर पौष्टिक खाना भी जरूरी है।
पानी पीना मत भूलिए
व्रत के दौरान कई बार हम पानी पीना भी कम कर देते हैं।
इससे Dehydration हो सकता है और थकान, सिरदर्द या चक्कर जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं।
अगर आपके व्रत के नियम पानी पीने की अनुमति देते हैं, तो दिनभर नियमित रूप से पानी पीते रहें।
नारियल पानी या नींबू पानी भी ले सकते हैं, लेकिन रोजमर्रा की Hydration के लिए सादा पानी ही सबसे अच्छा और आसान option है।
आखिर में एक जरूरी बात
व्रत का मतलब यह नहीं कि हम अपनी Body की जरूरतों को नजरअंदाज कर दें।
थोड़ी-सी Planning से आप व्रत के दौरान होने वाली कई परेशानियों का Risk कम कर सकते हैं।
और अगर आपको अक्सर व्रत के दौरान कब्ज, Acidity या कमजोरी जैसी परेशानियां होती हैं, तो आपकी Diet में कुछ बदलाव की जरूरत हो सकती है।
अपनी Health और जरूरतों के अनुसार personalised diet guidance के लिए आप SwasthaRaho पर मुझसे contact कर सकते हैं।
नोट: लगातार कब्ज, तेज पेटदर्द, बेहोशी, बार-बार चक्कर या गंभीर कमजोरी होने पर डॉक्टर से सलाह लें।
नवरात्रि में आस्था के साथ अपनी Health का भी रखें ध्यान
नवरात्रि का व्रत हमारी आस्था से जुड़ा होता है। लेकिन इसके साथ अपनी Health का ध्यान रखना भी जरूरी है।
हर व्यक्ति की Body और Nutritional Needs अलग होती हैं। इसलिए जो Diet किसी दूसरे व्यक्ति के लिए सही है, जरूरी नहीं कि वही आपके लिए भी सही हो।
व्रत के दौरान अपनी Health का ध्यान रखना चाहते हैं?
अगर आप व्रत के दौरान अपनी Energy बनाए रखना चाहते हैं, लेकिन समझ नहीं पा रहे कि क्या और कितना खाएं, तो SwasthaRaho पर मुझसे personalised diet guidance के लिए contact कर सकते हैं।
Contact on WhatsApp →Written By
Shweta Shekhar
Diet & Nutrition Consultant | SwasthaRaho
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यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। यह व्यक्तिगत medical advice का विकल्प नहीं है।